कोल्हापुर केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय ने 10.57 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले का पर्दाफाश किया, मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार!

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कोल्हापुर: केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) कोल्हापुर आयुक्त कार्यालय की कर अपवंचन विरोधी शाखा ने फर्जी लेनदेन के माध्यम से करोड़ों रुपये की कर चोरी करने वाले और सरकार को धोखा देने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गिरोह के मुख्य सरगना, 40 वर्षीय कल्पेश कुम्भार, जो घुडेवाड़ी, अवली खुर्द, राधानगरी,कोल्हापुर का निवासी है, को बिना किसी वस्तु या सेवा की वास्तविक आपूर्ति किए करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त करने, उपयोग करने और आगे भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
      आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह गुप्त अभियान कोल्हापुर सीजीएसटी आयुक्त सुमित कुमार यादव और कर चोरी विरोधी दस्ते के संयुक्त आयुक्त रोहित जोशी के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त राम शंकर मीना, अधीक्षक गौतम कुमार, स्वप्निल वागरे, अभिषेक रंजन, निरीक्षक मयूर शिंदे और कांस्टेबल अजीत बोरेज द्वारा चलाया गया था।
         यह कारवाई शिरोली पुलाची स्थित 'श्री रचना एग्रो सर्विसेज / निर्मंथ इंडस्ट्रीज' फर्म के खिलाफ एक गुप्त जांच से शुरू हुआ। विभाग की टीम द्वारा गहन डेटा विश्लेषण और भौतिक सत्यापन से कर चोरी के उद्देश्य से स्थापित फर्जी कंपनियों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच के दौरान पता चला कि उक्त फर्म के मालिक और 'श्री निर्मंथ कास्टिंग इंडस्ट्रीज' और 'श्री महालक्ष्मी कास्ट इंडस्ट्रीज' में साझेदार कल्पेश कुम्भार इस पूरे घोटाले का मुख्य सूत्रधार था। उसने अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग करके कम से कम 6 फर्जी कंपनियां स्थापित की थीं। इन कंपनियों के माध्यम से वास्तव में कोई सामान या सेवाएं खरीदे या बेचे बिना, उसने केवल एक-दूसरे और अन्य कंपनियों को फर्जी जीएसटी बिल जारी किए थे और 10.57 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास किया था। तदनुसार, कल्पेश कुम्भार को गिरफ्तार कर मा. न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीजीएसटी की टीम इस फर्जी क्रेडिट का फायदा उठाने वाली अन्य कंपनियों और सहयोगियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।