यह वित्तीय धोखाधड़ी 2017 से 2022 तक पांच वर्षों की अवधि में घटी। इस मामले में मुख्य आरोपी सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त प्रकाश लक्ष्मण चव्हाण (रा अहिल्यानगर) हैं, जिन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले यह धोखाधड़ी की। जीएसटी विभाग के उपायुक्त हेमंत लक्ष्मण गंगे की शिकायत पर अहिल्यानगर के भिंगर कैंप पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी अधिकारी ने अपने सरकारी यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल किया। महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी फैक्ट्री द्वारा समय-समय पर अदा किए गए 1 करोड़ 30 लाख रुपये के जीएसटी को फैक्ट्री के खाते में जमा करने के बजाय, इसे श्रीगोंदा के होटल राजश्री, शिरडी के होटल सिद्धांत और नासिक के एम. कला एंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। चव्हाण ने गलत करदाताओं के नाम पर वसूले गए कर को फैक्ट्री के नाम पर दिखाकर सरकारी व्यवस्था को धोखा दिया। पुलिस और जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।