मा.बॉम्बे हाई कोर्ट की मा. खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) के अधिकारियों ने धन जब्त करने से पहले जीएसटी अधिनियम के तहत वैधानिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया। मा. पीठ ने उस समय आश्चर्य व्यक्त किया जब सरकारी अभियोजक ने अदालत को सूचित किया कि जब्त की गई नकदी को आगे की कार्रवाई के लिए आयकर विभाग को सौंप दिया गया है।
याचिकाकर्ता स्मृति वाघधारे ने 27 और 28 जून, 2023 को जारी किए गए जीएसटी आईएनएस-02 फॉर्म में जब्ती आदेशों को चुनौती दी थी। मा. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जीएसटी विभाग को जीएसटी अधिनियम के तहत नकदी जब्त करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और आदेश दिया कि उक्त राशि ब्याज सहित दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को वापस कर दी जाए।