जीएसटी घोटाला: सोलापुर के सलाहकार को फर्जी बिल के लिए 121 करोड़ रुपये का जुर्माना नोटिस : कोल्हापुर केंद्रीय जीएसटी खुफिया विभाग द्वारा 400 से अधिक कंपनियों की जांच

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          केंद्रीय जीएसटी खुफिया ब्यूरो (डीजीजीआय) ने सोलापुर निवासी अधिवक्ता साजिद अहमद अब्दुल रऊफ शेख को जीएसटी घोटाले में फर्जी खरीद-बिक्री बिल जमा करके जीएसटी में धोखाधड़ी करने के आरोप में 121 करोड़ रुपये का जुर्माना नोटिस जारी किया है। धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज प्रदर्शित की गई लगभग 400 कंपनियों की जांच की जा रही है। खुफिया अधिकारी जुर्माना वसूलने के लिए उनकी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
          केंद्रीय जीएसटी खुफिया विभाग की कोल्हापुर शाखा ने मई 2025 में फर्जी कंपनियों के नाम पर खरीद-बिक्री के चालान जमा करके धोखाधड़ी करने के आरोप में सोलापुर स्थित वकील साजिद शेख को गिरफ्तार किया था।
     खुफिया अधिकारियों ने पिछले एक साल में इस अपराध की गहन जांच की। उन्होंने 10 स्थानों पर छापेमारी की और दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए। इससे स्पष्ट हो गया कि उक्त शेख ने 121 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। केंद्रीय जीएसटी खुफिया विभाग ने शेख को नोटिस भेजकर तत्काल जुर्माना जमा करने को कहा है।
जांच अधिकारी, वरिष्ठ केंद्रीय खुफिया अधिकारी अभिजीत भिसे ने बताया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो उनकी संपत्तियों की नीलामी की जाएगी और राशि वसूल की जाएगी। यह जांच अतिरिक्त महानिदेशक, संयुक्त निदेशक और उप निदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। इस जांच दल में खुफिया अधिकारी अतुल कुमार जायसवाल, हिमांशु आहूजा, अविनाश सुर और सौरभ पवार शामिल थे। शेख ने महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, गोवा और मध्य प्रदेश राज्यों की 400 कंपनियों के साथ वित्तीय लेन-देन का दस्तावेजीकरण किया है। जिन कंपनियों में 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन दर्ज हैं, उनकी जांच केंद्रीय जीएसटी खुफिया एजेंसी (डीजीजीआय) द्वारा कोल्हापुर में की जा रही है। जांच अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि धोखाधड़ी के इस नेटवर्क को चलाने वाले कुछ और संदिग्धों का पर्दाफाश हो सकता है।
        जांच के दौरान जब्त किए गए कंप्यूटरों से प्राप्त डेटा की फोरेंसिक जांच, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी पतों का तकनीकी विश्लेषण, आरोपियों द्वारा जेल में दर्ज किए गए इकबालिया बयान और छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज, ये सभी जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए। इसी आधार पर शेख को जुर्माना नोटिस भेजा गया है और लाभार्थी कंपनियों की जांच शुरू कर दी गई है।अधिकारियों ने कहा कि यह प्रक्रिया जारी है।